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Thursday, December 8, 2011

सरला राय की कृति : पूर्णियॉं के साहित्‍यकार

कोसी अंचल की दिवंगत लेखिका सरला राय की एक महत्‍वपूर्ण आलोचनात्‍मक कृति है 'पूर्णियाँ के साहित्‍यकार'। इसका प्रकाशन 1991 में तूलिका प्रकाशन, नई दिल्‍ली से हुआ था। सरला जी ने अपनी कृति में बांग्‍ला, मैथिली, उर्दू और हिन्‍दी के आठ लेखकों के जीवन और कृतित्‍व पर इस पुस्‍तक में विस्‍तार से प्रकाश डाला है। ये लेखक हैं--बांग्‍ला के केदारनाथ बंद्योपाध्‍याय एवं सतीनाथ भादुड़ी, मैथिली के कुमार गंगानंद सिंह एवं लिली रे, उर्दू के वफा मलिकपुरी एवं तारिक जमीली तथा हिन्‍दी के लक्ष्‍मीनारायण सुधांशु एवं फणीश्‍वरनाथ रेणु।
कहने की जरूरत नहीं कि अपनी अपनी भाषाओं में पूर्णिया जिले के इन साहित्‍यकारों ने राष्‍ट्रीय क्षितिज पर अपनी विशिष्‍ट पहचान कायम की है। लेखिका का विचार कुछ अन्‍य साहित्‍यकारों का परिचय प्रस्‍तुत करनेवाले पुस्‍तक के आगामी खंड भी प्रकाशित करवाने का था, लेकिन वह संभव नहीं हो पाया। सरला जी ने अपने लेखों में उक्‍त साहित्‍यकारों का न केवल पारिवारिक विवरण और जीवन प्रस्‍तुत किया है, वरन उनकी प्रकाशित-अप्रकाशित कृतियों की सूची देते हुए उनके साहित्‍यिक दाय और महत्‍व का प्रतिपादन भी भली-भॉति किया है।

Thursday, January 13, 2011

बच्‍चा यादव द्वारा संपादित 'कथा-कोशी'


कोसी अंचल के प्रतिष्‍ठित अध्‍येता बच्‍चा यादव के संपादन में रचनाकार प्रकाशन, पूर्णिया से 1997 में प्रकाशित कहानी-संचयन 'कथा-कोशी' कोसी अंचल के समकालीन कथा परिदृश्‍य से परिचय करानेवाली महत्‍वपूर्ण पुस्‍तक है। इस पुस्‍तक के मुखपृष्‍ठ पर हिन्‍दी के प्रख्‍यात कथाकारों फणीश्‍वरनाथ रेणु और नागार्जुन की ऐसी दुर्लभ तस्‍वीर प्रकाशित है, जिसमें वे दोनों धान की रोपाई का काम कर रहे हैं। पुस्‍तक में वरिष्‍ठ-कनिष्‍ठ 43 कथाकारों की कहानियॉं संकलित हैं। साथ ही कोसी अंचल के तत्‍कालीन कथा-परिदृश्‍य की पड़ताल करते हुए धनेशदत्‍त पांडेय का आलेख 'रेणु माटी के कथाकार' और कल्‍लोल चक्रवर्ती का आलेख 'रेणु की कथा-परंपरा का प्रकाशन भी किया गया है।
संकलन में शामिल कथाकारों में चंद्रकिशोर जायसवाल, रामधारी सिंह दिवाकर, विजयकांत, महाप्रकाश, कमला प्रसाद बेखबर, नवरंग प्रसाद जायसवाल, राधा प्रसाद, सरला राय, कृतनारायण प्‍यारा, हरि दिवाकर, अनिलचंद्र ठाकुर, धनेश दत्‍त पांडेय, वसंत कुमार राय, सुबोध कुमार झा, देवशंकर नवीन, कल्‍लोल चक्रवर्ती, संजीव ठाकुर, संजय कुमार सिंह और रणविजय सिंह सत्‍यकेतु प्रमुख हैं।
बच्‍चा यादव ने संकलन की भूमिका में कोसी अंचल की ऐतिहासिक, सांस्‍कृतिक और साहित्‍यिक पृष्‍ठभूमि को रेखांकित करने का सफल प्रयास किया है। उल्‍लेखनीय है कि बच्‍चा यादव (जन्‍म फरवरी 1958, महथवा, अररिया) की गवेषणात्‍मक रचनाऍं 'हिन्‍दुस्‍तान', 'आज', पाटलिपुत्र टाइम्‍स', 'गंगा' आदि पत्र-पत्रिकाओं में बराबर स्‍थान पाती रही हैं। वे बिहार सरकार के अधिकारी हैं तथा 'मुहिम' (त्रैमासिक) पत्रिका के संपादन से जुड़े रहे हैं।